पुष्करालु के बारे में
जगतियाल का आधिकारिक इतिहास गोदावरी तट के श्री कोटेश्वरस्वामी मंदिर का उल्लेख करता है। यह राजमहेंद्रवरम के कोटिलिंगाला रेवु से अलग है।
स्रोत देखें Jagtial District — History ↗यात्रा से पहले
2027 के घाट प्रवेश, दर्शन समय, परिवहन और पार्किंग की पुष्टि स्थानीय अधिकारियों से करें। पुरानी तस्वीरें वर्तमान व्यवस्थाएँ नहीं दिखातीं।
पूजा की जानकारी
ये धार्मिक परंपराओं के सामान्य परिचय हैं। विधि परिवार की परंपरा और व्यक्तिगत परिस्थिति के अनुसार बदलती है। अपने पुरोहित का मार्गदर्शन लें।
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