श्रद्धालुओं का आचरण
श्रद्धा के साथ आएँ। गोदावरी को स्वच्छ रखें।
शांत आचरण, साथी श्रद्धालुओं का सम्मान और नदी की देखभाल को अपनी पुष्कर यात्रा का हिस्सा बनाएँ।

01
आचरण में पवित्रता
- स्वच्छ और स्थानीय मंदिर की परंपरा के अनुकूल वस्त्र पहनें। शांत भाव से प्रार्थना करें, अन्य परंपराओं और निजता का सम्मान करें। स्नान या पारिवारिक कर्म करते लोगों की बिना अनुमति तस्वीरें न लें।
- कतार का पालन करें; बच्चों, बुज़ुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं की सहायता करें। सीढ़ियाँ और निकास खाली रखें तथा सुरक्षा कर्मियों के निर्देश मानें।
- तीर्थस्थलों पर शराब, नशे और धूमपान से दूर रहें। अपशब्द, झगड़े और दबाव डालकर दान माँगने से बचें। स्वच्छता, दया और संयम को भक्ति का हिस्सा बनाएँ।
02
जल प्रदूषण रोकें
- केवल अनुमत स्नान घाटों का उपयोग करें। नदी में साबुन, शैम्पू या डिटर्जेंट न लगाएँ; कपड़े और बर्तन न धोएँ। उपलब्ध निर्धारित धुलाई सुविधाओं का उपयोग करें।
- शौचालय का उपयोग करें, नदी किनारे खुले में शौच या पेशाब न करें। निर्धारित सुरक्षित पेयजल लें; नदी की पवित्रता को पीने के पानी की सुरक्षा का प्रमाण न मानें।
- तेल, रंग, बचा भोजन, प्लास्टिक या कचरा नदी में न डालें। सीवेज या कचरा डाले जाने की सूचना घाट कर्मियों को दें; स्वयं पानी में उतरकर निकालने न जाएँ।
03
पूजा सामग्री का सम्मानपूर्वक संग्रह
- पूजा से पहले पुरोहित और घाट कर्मियों से फूल, पत्ते, पिंड, वस्त्र और बची सामग्री के संग्रह की व्यवस्था पूछें। तय संग्रह स्थान पर दें; नदी में न छोड़ें।
- दीपक और कपूर केवल अनुमत सुरक्षित स्थान पर जलाएँ। जलते दीपक, उनके पात्र, तेल और राख नदी में न छोड़ें। तर्पण जैसे कर्म स्थानीय निर्देशों के अनुसार करें।
- दोबारा उपयोग होने वाले थैले, बोतल और बर्तन चुनें। डिब्बों के निर्देश अनुसार गीला, सूखा और पूजा का कचरा अलग रखें। संग्रह स्थल न मिले तो कर्मियों से पूछें और तब तक कचरा अपने पास रखें। जैविक रूप से गलने वाली सामग्री भी नदी में न डालें।
04
स्वच्छ हवा, शांत घाट
- कचरा, प्लास्टिक और बची पूजा सामग्री न जलाएँ। आतिशबाज़ी से बचें। धूप-कपूर सीमित रखें; हवन केवल अनुमत स्थानों पर ज़िम्मेदार आयोजकों की देखरेख में करें।
- उपलब्ध सार्वजनिक परिवहन या आधिकारिक शटल लें; संभव हो तो साथ यात्रा करें। पार्किंग में इंजन बेवजह चालू न रखें और तय यातायात मार्ग मानें।
- प्रार्थना और भजन की आवाज़ से दूसरों को परेशानी न हो। अनावश्यक हॉर्न और तेज़ संगीत से बचें; लाउडस्पीकर की स्थानीय अनुमति और समय सीमा मानें।
05
सेवा के साथ यात्रा पूरी करें
- ज़रूरत के अनुसार प्रसाद और भोजन लें। बचा खाना नदी या सीढ़ियों पर न डालें; भोजन आयोजकों की संग्रह व्यवस्था मानें।
- अपना स्थान स्वच्छ छोड़ें। सफाई सेवा में आयोजकों के मार्गदर्शन से जुड़ें; नुकीली वस्तुओं या चिकित्सा कचरे को छुए बिना कर्मियों को बताएँ। अन्य श्रद्धालुओं को सम्मान से प्रेरित करें, विवाद न करें।
ये पर्यावरण और श्रद्धालुओं के आचरण के सामान्य सुझाव हैं। प्रवेश, पूजा, अग्नि और कचरा संग्रह के लिए अपने घाट, मंदिर और जिले के 2027 निर्देश मानें।
नदी प्रदूषण, कचरे और वायु गुणवत्ता के सरकारी स्रोत संबंधित भागों में हैं। मूर्ति विसर्जन दस्तावेज़ पूजा के कचरे को अलग रखने का संदर्भ है; यह 2027 पुष्कर के स्थानीय नियमों की सूची नहीं है। आचरण और पवित्रता संबंधी बातें हमारे संपादकीय सुझाव हैं।
अंतिम जाँच: 13 सितंबर 2026

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